छिंदवाड़ा: शादियों में दुल्हन की विदाई अक्सर लग्जरी कारों या हेलीकॉप्टरों में होती है, लेकिन छिंदवाड़ा के चौरई ब्लॉक के पलटवाड़ा गांव के सोनू वर्मा ने अपनी दुल्हन की विदाई को यादगार बनाने के लिए एक अनोखा रास्ता चुना। सोनू ने अपनी मेहनत से कमाए ट्रक में अपनी दुल्हन सोनम को विदा कर अपने सपने को साकार किया। यह कहानी न केवल प्रेम और समर्पण की है, बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास की भी मिसाल है।
सपना जो बना हकीकत
सोनू वर्मा का हमेशा से सपना था कि वह अपनी दुल्हन को अपनी खुद की गाड़ी में विदा करके अपने घर लाए। जब उनकी शादी सिवनी जिले के केवलारी की सोनम के साथ तय हुई, तब सोनू के पास कोई गाड़ी नहीं थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी मेहनत और लगन से सोनू ने एक ट्रक फाइनेंस कराया और इसे अपनी आजीविका का साधन बनाया। शादी का समय नजदीक आने पर सोनू ने अपनी होने वाली पत्नी सोनम से अपने दिल की बात साझा की। सोनम ने न केवल उनकी इच्छा को समझा, बल्कि पूरे उत्साह के साथ इसे स्वीकार भी किया।
ट्रक में सजी विदाई, गूंजे रोमांटिक गीत
जब विदाई का दिन आया, सोनू ने अपने ट्रक को सजाया और दुल्हन सोनम को अपने साथ विदा किया। इस खास मौके पर सोनू खुद ट्रक चला रहे थे, जबकि सोनम ट्रक में बज रहे रोमांटिक गीतों का आनंद ले रही थी। दुल्हन के परिवार ने भी इस अनोखे फैसले का दिल खोलकर स्वागत किया और विदाई को यादगार बनाया। यह दृश्य न केवल भावनात्मक था, बल्कि सच्चा प्रेम और आपसी समझ किसी भी रीति-रिवाज को और खूबसूरत बना सकती है।
शिक्षित और संपन्न परिवार की अनूठी पसंद
सोनू और सोनम दोनों ही शिक्षित और संपन्न परिवारों से आते हैं। उनके पास लग्जरी गाड़ी में विदाई का विकल्प था, लेकिन उन्होंने अपने सपनों और मेहनत को प्राथमिकता दी। इस अनोखी विदाई ने न केवल उनके रिश्ते की मजबूती को दर्शाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि सादगी और मेहनत से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
चर्चा का विषय बनी यह विदाई
आज के दौर में, जहां शादियों में दिखावा और भव्यता हावी है, सोनू और सोनम की यह अनोखी विदाई स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। यह कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सच्चे मन से किए गए फैसले दिलों को जीत सकते हैं।